(MGNREGA), का इतिहास और उपलब्धियां महात्मा गांधी राष्ट्रीय राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA), जिसे आमतौर पर NREGA कहा जाता है, भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देना और ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारना है। यह योजना 2 फरवरी 2006 को लागू की गई थी और इसके तहत ग्रामीण परिवारों को हर वित्तीय वर्ष में कम से कम 100 दिन का गारंटीड रोजगार उनके गांव के नज़दीकी क्षेत्र में उपलब्ध कराया जाता है।

NREGA की स्थापना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बेरोजगारी को कम करना, ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना और गांवों में स्थायी अवसंरचना का निर्माण करना था। इस योजना का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और कमजोर वर्गों को समान अवसर प्रदान करती है। NREGA न केवल रोजगार सुनिश्चित करती है बल्कि ग्रामीण विकास, जल संरक्षण, कृषि अवसंरचना और सामाजिक सुरक्षा में भी योगदान देती है।

NREGA का इतिहास

Nrega-job-card-mp Job Card List 2026: Check, Download, and Access Details की शुरुआत 2005 में सार्वजनिक कानून के रूप में पारित होने के बाद 2006 में भारत के सभी जिलों में लागू की गई थी। योजना के पीछे यह विचार था कि भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में अकुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के अवसर सीमित हैं और अक्सर आर्थिक संकट के समय उन्हें पर्याप्त आय नहीं मिल पाती। NREGA ने यह सुनिश्चित किया कि हर ग्रामीण परिवार को न्यूनतम मजदूरी दर पर रोजगार का अवसर मिले।

इस योजना के निर्माण में महात्मा गांधी के आदर्शों को ध्यान में रखा गया, इसलिए इसका नाम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम रखा गया। शुरू में इसे 200 ग्रामीण जिलों में पायलट परियोजना के रूप में लागू किया गया, लेकिन इसकी सफलता के बाद इसे धीरे-धीरे पूरे देश में विस्तारित किया गया। NREGA का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित है। जॉब कार्ड के माध्यम से प्रत्येक लाभार्थी की जानकारी, काम के दिन और मजदूरी का रिकॉर्ड रखा जाता है। इसके अलावा Muster Roll, Attendance Record और MIS रिपोर्ट के माध्यम से योजना की निगरानी की जाती है।

NREGA की उपलब्धियां

NREGA ने ग्रामीण भारत में कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सबसे पहली उपलब्धि यह है कि इस योजना ने लाखों ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की। ग्रामीणों को उनके गांव के पास ही रोजगार मिलना शुरू हुआ, जिससे उन्हें शहरों की ओर प्रवास करने की जरूरत कम हुई।

इसके अलावा, NREGA ने ग्रामीण अवसंरचना के विकास में भी योगदान दिया है। योजना के तहत सड़कों, नहरों, तालाबों, जल संरक्षण परियोजनाओं और कृषि अवसंरचना का निर्माण हुआ। इसने न केवल रोजगार सृजन किया बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी संरचनाएं भी बनाई।

NREGA ने महिलाओं को भी सशक्त बनाया। योजना में कम से कम 33% कार्य महिलाओं को देने का प्रावधान है। इसके परिणामस्वरूप लाखों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और निर्णय लेने की क्षमता मिली।

इसके अलावा, NREGA ने ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया। सरकार ने समय पर मजदूरी भुगतान के लिए विभिन्न डिजिटल माध्यम अपनाए, जिससे श्रमिकों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिला।

NREGA ने सामाजिक सुरक्षा और गरीबी उन्मूलन में भी योगदान दिया। योजना के तहत गरीब और कमजोर वर्गों के लिए रोजगार और आय सुनिश्चित की जाती है। ग्रामीण क्षेत्र में इसकी सफलता के कारण, कई राज्यों में ग्रामीण आजीविका स्तर में सुधार देखा गया।

NREGA Job Card और डिजिटल सुविधा

NREGA का एक और महत्वपूर्ण पहलू है इसका Job Card सिस्टम। हर लाभार्थी को जॉब कार्ड जारी किया जाता है, जिसमें उसका व्यक्तिगत विवरण, परिवार के सदस्य, काम के दिन और भुगतान का रिकॉर्ड रहता है।

आज के डिजिटल युग में, NREGA का डेटा UMANG पोर्टल और आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। लाभार्थी अपनी NREGA Job Card सूची, Muster Roll और Attendance ऑनलाइन देख सकते हैं। इस डिजिटल सुविधा ने योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाई है।

NREGA ने ग्रामीण भारत में सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन लाया है। ग्रामीण परिवार अब आर्थिक संकट के समय अपने गांव में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महत्पूर्ण काम की गुणवत्ता और स्थायी अवसंरचना विकसित हुई है।

इसके अलावा, योजना ने महिलाओं, दलितों और कमजोर वर्गों के लिए अवसर बढ़ाए हैं। ग्रामीणों की आय बढ़ी है, जिससे गरीबी दर में कमी देखने को मिली है। NREGA ने ग्रामीण क्षेत्र में सामाजिक समानता और अवसर वितरण को भी बढ़ावा दिया है।

हालांकि NREGA ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं, लेकिन इसके संचालन में कुछ चुनौतियां भी रही हैं। जैसे कि समय पर मजदूरी भुगतान, कार्य स्थल पर पारदर्शिता, स्थानीय अधिकारियों का निगरानी और डिजिटल साक्षरता की कमी।

सरकार लगातार इन चुनौतियों को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठा रही है। विकसित भारत-2047 विजन के तहत NREGA का विस्तार और अधिक रोजगार प्रदान करना योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

FAQs

NREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी को कम करने और ग्रामीण परिवारों को न्यूनतम 100 दिन रोजगार सुनिश्चित करने की योजना है।

आप UMANG पोर्टल या नरेगा की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन करके जॉब कार्ड बना सकते हैं।

राज्यवार जॉब कार्ड सूची नरेगा की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आप ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिले का चयन करके अपनी स्थिति चेक कर सकते हैं।

योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण बेरोजगारी को कम करना, आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना और ग्रामीण अवसंरचना का निर्माण करना है।

योजना में कम से कम 33% कार्य महिलाओं को दिया जाता है।

निष्कर्ष


NREGA योजना ने ग्रामीण भारत में रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक विकास में अहम योगदान दिया है। इसके माध्यम से लाखों ग्रामीण परिवारों को उनके गांव के पास ही रोजगार मिला, जिससे गरीबी और प्रवास की समस्या कम हुई।

इस योजना की उपलब्धियां न केवल ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार लाने वाली हैं, बल्कि यह भारत के ग्रामीण विकास और सामाजिक समानता के लक्ष्य को भी मजबूत करती हैं। NREGA का इतिहास यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से गरीब और कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया जा सकता है।

Similar Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *