महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम NREGA
NREGA Job Card महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम NREGA शुरू की गई मनरेगा (NREGA) योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी देना और स्थायी संपत्तियों का निर्माण करना है। इस योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को साल में 100 दिनों का अकुशल श्रम आधारित रोजगार प्रदान करने का प्रावधान है। यह योजना ग्रामीण विकास, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण और आजीविका सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस लेख में हम NREGA योजना के तहत किए जाने वाले कार्यों के प्रकारों को विस्तार से समझेंगे।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (NREGA), जिसे आमतौर पर मनरेगा कहा जाता है, भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को आजीविका सुरक्षा प्रदान करना है। इस अधिनियम के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष कम से कम 100 दिनों का अकुशल श्रम आधारित रोजगार उपलब्ध कराने की कानूनी गारंटी दी गई है। इसका मुख्य लक्ष्य बेरोजगारी कम करना, ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाना और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है।
जल संरक्षण एवं जल संचयन से जुड़े कार्य
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम NREGA संकट से निपटने और कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए मनरेगा के तहत विभिन्न जल संरक्षण कार्य किए जाते हैं, जैसे तालाबों का निर्माण और पुनर्निर्माण चेक डैम का निर्माण वर्षा जल संचयन संरचनाएं खेत तालाब जलाशयों की मरम्मत और गहरीकरण इन कार्यों से भूजल स्तर बढ़ता है और किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलती ह
मनरेगा के माध्यम से सड़कों, तालाबों, कुओं, जल संरक्षण संरचनाओं और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों का निर्माण किया जाता है, जिससे ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास भी होता है। यह योजना पारदर्शिता, सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) और सीधे बैंक खातों में भुगतान जैसी व्यवस्थाओं के माध्यम से जवाबदेही सुनिश्चित करती है। साथ ही, यह महिलाओं की भागीदारी को भी प्रोत्साहित करती है, जिससे ग्रामीण समाज में समानता और आत्मनिर्भरता को बल मिलता है।

सूखा निरोधक ड्रॉट प्रूफिंग कार्य
सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पेड़-पौधों का रोपण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए कार्य किए जाते हैं:
- वृक्षारोपण
- पौधारोपण अभियान
- चारागाह विकास
- वन संरक्षण कार्य
इनसे पर्यावरण संतुलन बना रहता है और भूमि की उर्वरता में सुधार होता है।
सिंचाई संबंधी कार्य
कृषि को बढ़ावा देने के लिए छोटे और सीमांत किसानों हेतु सिंचाई सुविधाएं विकसित की जाती हैं:
- नहरों की खुदाई और मरम्मत
- लघु सिंचाई परियोजनाएं
- खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था
- कुओं का निर्माण (निर्धारित पात्रता के अनुसार)
भूमि विकास कार्य
भूमि की उत्पादकता बढ़ाने के लिए निम्नलिखित कार्य किए जाते हैं:
- समतलीकरण
- मेड़बंदी
- बंजर भूमि का सुधार
- अनुसूचित जाति/जनजाति और गरीब परिवारों की भूमि पर विकास कार्य
इनसे खेती योग्य भूमि का विस्तार होता है और आय में वृद्धि होती है।
ग्रामीण सड़क निर्माण
गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए कच्ची सड़कों का निर्माण और मरम्मत की जाती है:
- ग्रामीण संपर्क मार्ग
- आंतरिक सड़कें
- पगडंडियों का विकास
इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और बाजार तक पहुंच आसान होती है।
बाढ़ नियंत्रण और सुरक्षा कार्य
पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़े कार्य
ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए:
- पशु शेड निर्माण
- चारा भंडारण संरचना
- मछली तालाब निर्माण
- डेयरी से संबंधित आधारभूत ढांचा
ग्रामीण स्वच्छता और सामुदायिक परिसंपत्तियां
कुछ राज्यों में मनरेगा के तहत सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण भी किया जाता है:
- आंगनवाड़ी भवन निर्माण
- ग्राम पंचायत भवन
- श्मशान घाट/कब्रिस्तान विकास
- ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कार्य
व्यक्तिगत लाभार्थी कार्य
कुछ विशेष श्रेणियों जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, छोटे किसान, महिला मुखिया परिवार आदि के लिए व्यक्तिगत परिसंपत्तियों का निर्माण किया जाता है:
- आवासीय परिसर में जल संरक्षण संरचना
- बागवानी विकास
- खेत तालाब
NREGA योजना की विशेषताएं
- 100 दिनों का गारंटीकृत रोजगार
- समान मजदूरी दर (पुरुष और महिला के लिए)
- पारदर्शी भुगतान प्रणाली (बैंक/डाकघर खाते में)
- ग्राम पंचायत की प्रमुख भूमिका
FAQs
निष्कर्ष
मनरेगा योजना ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके तहत किए जाने वाले कार्य न केवल लोगों को रोजगार प्रदान करते हैं, बल्कि गांवों में स्थायी संपत्तियों का निर्माण भी करते हैं। जल संरक्षण, भूमि विकास, सड़क निर्माण और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्य ग्रामीण विकास की आधारशिला बनते हैं।
यदि योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन हो और पारदर्शिता बनी रहे, तो मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक प्रभावी साधन साबित हो सकती है। यह योजना केवल रोजगार नहीं, बल्कि समग्र ग्रामीण विकास का माध्यम है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम ग्रामीण भारत के लिए एक सशक्त सुरक्षा कवच है, जो रोजगार, विकास और सम्मानजनक जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।